Janmashtami 2019: बाल गोपाल की पूजा के वक्त रखें इन बातों का ध्यान

कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (आठवें दिन) को मनाई जाती है। अष्ठमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म होने पर व्रत का परायण किया जाता है। यह हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। आइए जानते हैं बाल गोपाल की पूजा कैसे और क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

सुबह जल्दी उठने के बाद सबसे पहले बाल गोपाल की पूजा और भोग लगाना चाहिए।
बाल गोपाल की पूजा में प्रयोग की जाने वाली सभी सामग्रियों का शुद्ध होना चाहिए।

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बाल गोपाल को साफ जल और गंगाजल से प्रतिदिन स्नान करवाना चाहिए। स्नान करवाने के बाद चंदन का टीका लगाएं।
रोजाना लड्डू गोपाल के श्रृंगार में उनके कान की बाली, कलाई में कड़ा, हाथों में बांसुरी और मोरपंख होना चाहिए।
श्रृंगार के बाद सबसे पहले भगवान गणेश की आरती उतारे फिर लड्डू गोपाल की।
आरती के बाद उन्हें भोग लगाएं, झूला झूलाएं और फिर झूले में लगे परदे को बंद करना ना भूले।
सुबह और शाम के वक्त लड्डू गोपाल की आरती और भोग लगाना होता है।

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शुभ अवसर और त्योहार पर उन्हें नए कपड़े और पकवान का भोग लगाएं।
बाल गोपाल की पूजा और भोग लगाएं बिना खाना नहीं खाना चाहिए। उन्हें भोग लगाने के बाद भोजन प्रसाद बन जाएगा।
घर में बाल गोपाल हैं तो मांस-मदिरा का सेवन, गलत व्यवहार और अधार्मिक कार्यों से बचना चाहिए।
रात को सोने से पहले बाल गोपाल को सुलाने के बाद ही सोएं।

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